Saturday, February 25, 2017

[gita-talk] जीवात्मा क्या है? जीव कब जीवात्मा होता है? जीव कब आत्मा होता है?

 

ShriHari,   This brings closure to this topic.   Ram Ram   

=============================




कहा है : परमात्माका अंश जीवात्मा सत्तारूपसे है। 
समझना है कि यह जीवात्मा क्या है? 
गीता 15 : 7 में परमात्माका अंश जीव कहा गया है। 
जीव कब जीवात्मा होता है? जीव कब आत्मा होता है?
सविनय,
साधक 

===========================

राम राम बड़े भैया!
बड़े भैया राम राम!
सविनय,
साधक 

-----------------------------------------------

हरि ॐ

आत्मा का एक अर्थ होता है- अंश ! जीव सदैव मूल रूप से आत्मा ही होता है - अत: यह प्रश्न ही नहीं बनता कि जीव कब आत्मा होता है - क्योंकि वह कभी अनात्मा होता ही नहीं !!!! अनादिकालसे यह पहले परमात्मा था और फिर परमात्मा द्वारा खेल 
खेलने के लिये इसे आत्माका रूप मिला - अर्थात् एक परमात्मा ही अनेकरूपसे प्रकट हो गये ! तो जीव आत्मा है- मूल रूपसे !

यह आत्मा- परमात्माका अंश जीवात्मा कब होता है ? यह जीवात्मा तब होता है, जब यह प्रकृति से " मैं - मेरापन " बना लेता है ! जब आत्मा शरीरको मैं-मेरा मान लेता है तो वह जीवात्मा कहलाने लगता है ! "जीवभूत:" - यह जीव मूल रूप से है नही, बन जाता है - कब ? जब यह प्रकृति से संबंध स्थापित कर लेता है ! कैसे ? "मैं-मेरे की जेवडी, गल बन्ध्यो संसार"

राम राम करो महाराज ! कब तक जीव , जीवात्मा पर विचार करते रहेंगे ? १० साल से तो मैं आपको यही विचार करते देख रहा हूँ ! राम राम कब करोगे ?

जय श्री कृष्णा

व्यास एन बी 

----------------------------------------------------------------------------------------------

प्रश्नका उत्तर 
You need to do "thinking divine, 24/7" to get your answers
otherwise, you will keep asking and do nothing about it. 
It's high time that you all start more-doing and less-asking.
Take a look at my bio.

गले नहीं उतरा। स्वामीजीने कहा है कि कुछ भी करनेसे हम उससे दूर होते हैं
 
तब you all start more-doing का आशय समझमें नहीं आया। 

सविनय,
साधक 

----------------------------------------------------------------

When Atma accept he is body then he is jeev and when atma accept he is not body but part of God then he is Atma because Atma have power to accept anything.

Pawan Kumar Singhal

--------------------------------------------------

You need to do "thinking divine, 24/7" to get your answers
otherwise, you will keep asking and do nothing about it.
 
It's high time that you all start more-doing and less-asking.
Take a look at my bio.

Av! Good Luck! 

Notesav

---------------------------------------------------------------------------






__._,_.___

Posted by: Sadhak <sadhak_insight@yahoo.com>
Reply via web post Reply to sender Reply to group Start a New Topic Messages in this topic (5)

Have you tried the highest rated email app?
With 4.5 stars in iTunes, the Yahoo Mail app is the highest rated email app on the market. What are you waiting for? Now you can access all your inboxes (Gmail, Outlook, AOL and more) in one place. Never delete an email again with 1000GB of free cloud storage.

All past 4925+ messages are accessible and searchable at http://groups.yahoo.com/group/gita-talk/

28,000+ sadhakas

A list of all topics discussed in 2009 along with their links are at http://groups.yahoo.com/group/gita-talk/message/3189

.

__,_._,___

No comments: