Sunday, November 15, 2015

[gita-talk] Is this embodied soul born of God ? Is it a piece of Him ?

 



Shree Hari 


English Translation - 


Question -   The 'jiva'  (embodied soul)  is a fragment of God (Gita 15/7).   Is this embodied soul born of God and is it a piece of Him ?  

प्रश्न‒यह जीव परमात्माका अंश है (१५ | ७), तो क्या यह जीव परमात्मासे पैदा हुआ है ? क्या यह जीव परमात्माका एक टुकड़ा है ?

Gita Talk Moderators,   Ram Ram 

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एक स्थूल उदाहरण लेकर बात समझते हैं। 
शरीरके विभिन्न अंग (सिर, हाथ, पैर आदि जो केवल नाम हैं, शरीरसे अलग उनका स्वतन्त्र अस्तित्त्व नहीं है) शरीरके अंश (fragments) हैं न कि अलग किये हुये टुकड़े (parts), इसी प्रकार जीव अंश है परमात्माका, न कि उससे अलग किया हुआ टुकड़ा। 
जीव सर्वव्यापी परमात्मासे उत्पन्न भी नहीं है क्योंकि वह (जीव) परमात्मासे भिन्न (अलग) न कभी था, न अभी है और न कभी होगा, हो सकता भी नहीं। । 
कोई किसीसे उत्पन्न तभी कहलाता है जब उत्पन्न हुआ और उत्पन्न करनेवाला भिन्न (अलग-अलग) होते हैं जैसे गायसे उत्पन्न हुआ बछड़ा गायसे भिन्न होता है, गायके किसी भी अंगको उत्पन्न हुआ बछड़ा नहीं कहने लगते। 
इसी प्रकार तरंग जलमें है (जलसे उत्पन्न नहीं होती। जब तरंग दिखती है तो गलतीसे उसे उत्पन्न होना कह देते हैं उसी प्रकार जिस प्रकार कि गेहूँ पीसा जाता है और गलतीसे कह देते हैं कि आटा पीसा गया), तरंग जलमें रहती है, तरंग जलसे कभी अलग न होती है और न हो ही सकती है। इसमें जलसे परमात्मा और तरंगसे जीव को समझें।  
सविनय,
साधक

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Shree Hari 

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Posted by: Sadhak <sadhak_insight@yahoo.com>
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