Thursday, October 8, 2015

[gita-talk] मेरी आत्मा तेरी आत् मा इसकी आत्मा उसकी आत् मा

 

कहा है : भगवान् कहते हैं कि मैं ही सबका आत्मा हूँ'अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः ।'
परमात्मा तो एक ही थे, एक ही हैं, एक ही रहेंगे जो सबका आत्मा हैं फिर यह मेरी आत्मा, तेरी आत्मा, इसकी आत्मा, उसकी आत्मा क्या है? मानो जितने प्राणी हैं उतनी ही आत्मा हैं। वस्तुत: कितनी आत्मा हैं? आत्मा एक है या अनेक?
कृपया समझाइये। 
सविनय,
साधक 

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