Friday, October 23, 2015

[gita-talk] Understanding of Gita Chapter 2/16


गीता 2 : 16 के संदर्भमे ं समझना है

साधक-संजीवनीके पृष्ठ 67 पर लिखा है : जब तक असत् की सत्ता है, तब तक विवेक है। 
साधक-संजीवनीके पृष्ठ 64 पर लिखा है : असत् की सत्ता नहीं है। 
असत् की सत्ता नहीं होने (पृष्ठ 64) पर भी जब तक असत् की सत्ता है, तब तक विवेक है (पृष्ठ 67) कहना अवश्य कुछ गूढ़ बात है। 
उसमें निहित गूढ़ताको समझानेकी कृपा करें। 




Posted by: Sadhak <>
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