Friday, September 18, 2015

[gita-talk] सुधार शुरू कैसे हो ?

 


  • स्वामीजी के प्रवचन में से सुना था कि जब तक अपने मान,बढ़ाई,आदर की इच्छा समाप्त, कम नहीं होगी तब तक अपने लक्ष्य की तरफ चलना शुरू नहीं होगा। सुनने पर लगा कि जैसे मेरे बारे में ही बोला है। यह प्रवचन पहले भी सुनने को मिला था, सुनते समय तो ऐसा भाव आ जाता है कि अब बदलाव् आना चाहिए लेकिन रोज़ाना के जीवन में - यह  सुना है ऐसा याद भी नहीं आता है। स्वामी जी ने कहा था कि न हो पाये तो भगवान को पुकारो तो वे अवश्य सुनेंगे और रास्ता, हल आदि निकालेंगे लेकिन मेरे मन में तो यह आता है कि 'मान बढाई की भूख मुझे नहीं हो' यह याद ही किसे रहता है, जो अपने को असमर्थ समझ/जान कर पुकार करे?  मेरी प्रार्थना है कि अभी याद है इसलिए  वह तरीका जान लूं जिससे मान बढ़ाई की इच्छा न होवे। प्रार्थना है कि प्रबुद्ध एवं अनुभवी साधक बताने की कृपा करें।। ...... मनमोहन बत्रा
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Posted by: Sadhak <sadhak_insight@yahoo.com>
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