Thursday, August 20, 2015

[gita-talk] अवतार

 

संसारको उसका (परमात्माका) आदि अवतार कहा गया है। आदिका शब्दार्थ लें तो 
संसार उसका (परमात्माका) पहला अवतार हुआ। इस चतुर्युगमें कुल तेईस अवतार 
बताये गये हैं जिनमें संसार पहला अवतार है जो अभी भी है (विलुप्त नहीं हुआ है),
जबकि शेष बाईस अवतारोंमेंसे एक भी (आज) नजर नहीं आता। क्या यह अटपटा 
नहीं लगता कि आदि अवतार तो विद्यमान है और उसके बादके सभी अवतार पूरी 
तरह विलुप्त हैं? यदि विलुप्त नहीं हैं तो नजर क्यों नहीं आते? यदि विलुप्त हैं तो 
क्या वे सभी (जिनमें सर्वश्री राम, कृष्ण, बुद्ध आदि भी गिने गये हैं) इस संसारसे 
(आदि अवतार) किसी तरह कमजोर थे जो उन्हें (अगला अवतार होनेके पहले ही)
विलुप्त होना पड़ा? किन्हीं दो अवतारोंके (प्राणी रूपमें) समकालीन होनेका वर्णन 
साधकको ज्ञात नहीं है। 
कृपया समाधान दें। 
सविनय,

साधक  

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